
अल्मोड़ा। रविवार को 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई गयी। इस ऐतिहासिक मौके पर अल्मोड़ा जिला जेल में अगस्त क्रांति दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। साथ ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम की यादों से रूबरू होने के लिए जेल के दरवाजे पर्यटकों के लिए के खोले गए।
इस मौके पर अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा आज पूरे देश में बहुत खुशी और जश्न का माहौल है। आज हम अगस्त क्रांति दिवस मना रहे है। हमारे बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम करते हैं। देशभक्ति के गीत गाते हैं, जबकि यहां मौजूद अन्य लोग बच्चों को उस दौर के इतिहास और भावना को समझने में मदद करते हैं। हम भविष्य में जिला जेल को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश करेंगे। जिससे हम इस जगह को पर्यटकों के लिए खोल सकें। जिससे वे इसे देख सकें।
अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी अगस्त क्रांति दिवस के इतिहास के बारे में जान सकें इसके लिए प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इसे एक म्यूजियम में बदला जाना चाहिए। इसे खोलने से आने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा। ऐसी ऐतिहासिक जगहों का पर्यटकों के लिए हमेशा से ही बड़ा आकर्षण रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि आजादी की लड़ाई के दौरान महान हस्तियों ने यहां समय बिताया था। बता दें उत्तराखंड की सबसे पुरानी जेल अल्मोड़ा की जेल है। इस जेल में पंडित नेहरू दो बार रहे है। इनके अलावा भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत, खान अब्दुल गफ्फार खां सहित 7 लोग इस जेल में रहे। स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हुई अनेक यादें यहा रखी है। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने मेरी आत्मकथा के कुछ अध्याय इसी जेल में लिखे थे। इस जेल में स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों की अनेक यादें संरक्षित है। यहां स्थित नेहरू वार्ड में उनके खाने के बर्तन, चरखा, दीपक, चारपाई सहित पुस्तकालय भवन, भोजनालय आदि है। अगस्त क्रांति के अवसर पर हर वर्ष 9 अगस्त को इस जेल के नेहरू वार्ड में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस जेल को संरक्षित कर इसे हैरिटेज के रूप में विकसित करने की लंबे समय से मांग भी उठ रही है।
भाषा अमर्यादित नहीं होनी चाहिए, एसएसपी की हरकतों से गुस्से में ऐसे शब्द निकल गए: हरक
रुद्रपुर । पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने माना कि भाषा अमर्यादित नहीं होनी चाहिए लेकिन यह भी कहा कि नैनीताल एसएसपी ने जिस तरह रैली में आ रही बसों को रुकवाने की ओछी हरकत की उसको लेकर कांग्रेसियों में गुस्सा था। हम देसी लोग हैं, जो कुछ मन में होता है वही जुबा पर होता है इसलिए ऐसे शब्द निकल गए।
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत रविवार को रुद्रपुर में आयोजित बैठक में भाग लेने आए थे। शनिवार को हल्द्वानी में खरगे की जनसभा से पहले कांग्रेसियों की बसें रोकने को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी आदि ने एसएसपी कार्यालय में पहुंचकर काफी विरोध जताया था।
यहां तक कि एसएसपी को लेकर कई पार्टी नेताओं ने अपशब्द भी बोल दिए थे, जिसको लेकर भाजपा ने मुद्दा बना दिया है। इस पर हरक सिंह रावत ने साफ कहा कि हम देसी लोग हैं, जो अंदर होता है वो गुस्से में बाहर भी आ जाता है।लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन एसएसपी ने भाजपा पदाधिकारी की भूमिका में काम किया उसको लेकर कांग्रेसियों में गुस्सा भड़का। बाकी किसी की जानबूझकर ऐसा बोलने की मंशा नहीं थी।
दून मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में दो गुटों में मारपीट
देहरादून। शनिवार देर रात राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में दो पक्षों के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि 15-20 लोग इमरजेंसी में घुस आए और एक पक्ष के लोगों को बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया।
धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के बीच बीच-बचाव करने पहुंचे इएमओ और सुरक्षाकर्मियों से भी अभद्रता की घटना शनिवार रात करीब एक बजकर 20 मिनट की है। जानकारी के अनुसार बाहर दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद एक पक्ष के लोग मेडिकल कराने के लिए दून अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी वहां पहुंच गए।
दोनों पक्षों के बीच फिर कहासुनी हुई तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें शांत कराया। लेकिन, कुछ देर बाद 15-20 लोग दोबारा इमरजेंसी में पहुंचे और मेडिकल कराने आए पक्ष के लोगों से मारपीट करने लगे इस दौरान बेल्ट निकालकर पीटा गया और धक्का-मुक्की की गई।
इएमओ और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उनसे भी गाली-गलौज और अभद्रता की गई। आरोप है कि युवकों ने सुरक्षाकर्मियों को बाहर जाने तक की धमकी दी। हंगामे के दौरान इमरजेंसी में रखी फाइलें भी फेंक दी गईं। घटना के दौरान एक व्यक्ति के खुद को अधिवक्ता बताते हुए मौके पर पहुंची पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को धमकाने की बात भी सामने आई है।
आरोप है इस मामले में हस्तक्षेप करने पर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। वहीं, घटना के बाद अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों में रोष है। उनका कहना है कि पहले भी महिला सुरक्षाकर्मी के साथ तीमारदार की ओर से मारपीट की घटना हो चुकी है।
अब इमरजेंसी में युवकों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ अभद्रता की। उनका आरोप है कि लगातार ऐसी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस बिष्ट ने कहा कि इमरजेंसी में इस तरह का हंगामा गंभीर मामला है। अस्पताल में डाक्टरों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।अभद्रता की गई। हंगामे के कारण इमरजेंसी में अफरातफरी मच गई और मरीज व तीमारदार घबरा गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
प्रेमी ने शादी से इंकार किया तो हाईटेंशन पोल पर चढ़ी युवती
रुद्रपुर। किच्छा में शादी की जिद में एक युवती का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। युवती प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी है और युवक ने शादी से इनकार कर दिया है। उसके बाद गुस्से से भरी युवती हाईटेंशन पोल पर चढ़ गयी। गनीमत रही कि वह लाइन की चपेट में नहीं आई और हादसा टल गया।
किच्छा में हल्द्वानी बाईपास के पास एक युवती पड़ोस के ही एक युवक से प्रेम करती है, उससे शादी करने की लंबे समय से जिद पर अड़ी है। बताया जा रहा है कि युवक काफी समय से उसे शादी का भरोसा देता आ रहा है।शनिवार रात जब उसने मना कर दिया तो उसका पारा चढ़ गया, वह शादी की जिद करने लगी और फिर गुस्से में सुबह रेलवे लाइन के पास लगे हाई टेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गई।
युवती के खंभे पर चढ़कर चिल्लाने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने काफी समझाया, जिसके बाद युवती को बमुश्किल नीचे उतारा गया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है। गनीमत रही कि युवती हाईटेंशन तारों की चपेट में नहीं आई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्नान के दौरान कांवडिया तेज बहाव की चपेट में आकर बहा
हरिद्वार। रविवार सुबह हरकी पैड़ी के पास धनुष पुल के नीचे गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में डूबकर समा गया। कांवड़िया रेलिंग के बाहर खड़े होकर गंगा में डुबकी लगा रहा था। जैसे ही उसने पानी में छलांग लगाई, तेज धारा उसे अपने साथ बहाकर ले गई। आसपास मौजूद शिवभक्त कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कांवड़िया पानी में लापता हो गया। इसके बाद उसे ढंूढने के लिए सर्च अभियान चलाया गया किन्तु अब तक उसका कोई सुराग नही लगा है।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह हरकी पैडी के पास धनुष पुल के नीचे गंगा स्नान के दौरान छंलाग लगाते ही तेज लहरों में समा गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई सूचना मिलते ही जल पुलिस की और पीएसी राहत बचाव की टीम मौके पर पहुंची और गंगा में कांवड़िए की तलाश शुरू कर दी। जल पुलिस के जवान बोट और अन्य संसाधनों की मदद से कांवड़िए की तलाश में जुटे हैं। साथ ही पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद लोगों से कांवड़िए के संबंध में जानकारी जुटा रहे है। मामले जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान मौके पर मौजूद एक शिवभक्त वीडियो बना रहा था और उसने कांवड़िए के गंगा में डूबने का वीडियो भी बना लिया।
सीओ सिटी हरिद्वार शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि गंगा में डूबे कांवड़िए की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है। कांवड़ियों से अपील है कि नियमों का पालन करते हुए ही गंगा में स्नान करें। स्नान करने के लिए प्रतिबंधित घाटों की ओर न जाए।



