
रिश्वत खोर को पकड़ने गई विजिलेंस टीम को 20 घंटे बनाकर रखा बंधक
तहसील परिसर को छावनी में तब्दील कर पुलिस ने विजिलेेंस टीम को निकाला सकुशल
उधमसिंह नगर में राजस्व विभाग के कर्मचारियों में कार्रवाई को लेकर रोष
रूद्रपुर। सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुआ गतिरोध पूरी रात जारी रहा। कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते विजिलेंस टीम रातभर तहसील परिसर में ही रही। देर रात तक विजिलेंस अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की वार्ता की कोशिश हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वार्ता विफल रहने के कारण विजिलेंस टीम को पूरी रात परिसर के भीतर ही रुकना पड़ा।
रात के दौरान जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर मध्यस्थता करने और मामले का समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन देर रात तक जिले का कोई वरिष्ठ अधिकारी तहसील परिसर नहीं पहुंचा। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही।उधर, ट्रैप में गिरफ्तार वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के परिजन भी रात में तहसील परिसर पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी घटनाक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से वार्ता की। इधर, विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर विजिलेंस की कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राजस्व वसूली की नियमित एवं वैधानिक प्रक्रिया को रिश्वतखोरी का मामला बताकर कर्मचारियों की छवि धूमिल की जा रही है। उनका आरोप है कि बिना सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए कार्रवाई किए जाने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
जैसे ही विजिलेंस टीम ने सेकंड फ्लोर स्थित संग्रह कक्ष में कार्रवाई शुरू की, नीचे मौजूद तहसील कर्मियों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए तहसील कर्मियों ने विजिलेंस टीम को बाहर निकलने से रोकने के लिए तहसील परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। बुधवार दोपहर करीब 3.45 बजे शुरू हुआ यह ड्रामा अगले दिन तक जारी रहा। 20 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कर्मियों ने गेट नहीं खोला, जिससे टीम अंदर ही फंसी रही।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीती रात ही पूरा तहसील परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस प्रशासन की कई कोशिशों और मध्यस्थता के बावजूद तहसील कर्मी ताला खोलने को तैयार नहीं हुए। घटना के बाद तहसील प्रशासन और विजिलेंस विभाग आमने-सामने आ गए हैं। तहसील कर्मियों का कहना है कि विजिलेंस की यह कार्रवाई गलत और एकतरफा है। वे अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। मामले को तूल पकड़ता देख जिलेभर से राजस्व कर्मी और पटवारी संघ के सदस्य सितारगंज तहसील पहुंचने लगे हैं। विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है।
आम जनता को हुई भारी परेशानी
धरने और कार्य बहिष्कार के कारण तहसील कार्यालय का पूरा कामकाज ठप हो गया। नामांतरण, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल सहित भूमि संबंधी सभी राजस्व कार्य प्रभावित रहे। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना काम कराए लौटना पड़ा, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वार्ता के बाद बनी सहमति
गतिरोध समाप्त कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच देर रात से गुरुवार तक कई दौर की बातचीत हुई। अंततः उच्च अधिकारियों के स्तर पर समाधान निकलने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई और कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
दोनों आरोपी रिहा, फिर शुरू हुआ कामकाज
वार्ता के बाद विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर तहसील कार्यालय के मुख्य गेट से ताला हटाया और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में लौटकर नियमित कार्य में जुट गए।



