केदारनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
गुजरात से पहुंचे श्रद्धालु विनोद कुमार, महेश पटेल, कैयूर पटेल, पार्वती देवी और भारती राम प्रसाद ने पैदल मार्ग की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।

रोज 15 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे धाम, यात्रा का आंकड़ा 16 लाख पार
बदहाल पैदल मार्ग, घोड़े-खच्चरों की मनमानी और हाईवे जाम से यात्री बेहाल
दर्शन के नाम पर 2500 रुपये मांगने की शिकायत
रुद्रप्रयाग। मौसम साफ होते ही बाबा केदारनाथ की यात्रा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब धाम की ओर उमड़ रहा है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक यात्री बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ पहुंच रहे हैं और इस वर्ष यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 16 लाख के पार पहुंच चुका है। आस्था के इस विराट प्रवाह से जहां स्थानीय कारोबार को गति मिली है, वहीं दूसरी ओर बढ़ती भीड़ के बीच यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर यात्रियों की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।
यात्रा के दूसरे चरण में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन गौरीकुंड-केदारनाथ 19 किलोमीटर पैदल मार्ग की बदहाल व्यवस्थाओं ने कई यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मार्ग के कई हिस्सों में रास्ता संकरा और असुरक्षित है। भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर आवाजाही के दौरान खतरा बना रहता है। भारी भीड़ के बीच पैदल यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही से कई जगह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
गुजरात से पहुंचे श्रद्धालु विनोद कुमार, महेश पटेल, कैयूर पटेल, पार्वती देवी और भारती राम प्रसाद ने पैदल मार्ग की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। श्रद्धालुओं का आरोप है कि एक हॉकर द्वारा चार घोड़े-खच्चरों का संचालन किए जाने से पैदल यात्रियों को रास्ता मिलने में परेशानी होती है। कुछ यात्रियों ने घोड़े-खच्चर संचालकों के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए मार्ग पर प्रभावी पुलिस निगरानी और यातायात नियंत्रण बढ़ाने की मांग की है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि पैदल मार्ग के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, घोड़े-खच्चरों के संचालन की प्रभावी निगरानी हो, पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और फाटा-सोनप्रयाग मार्ग पर जाम से निपटने के लिए ठोस यातायात योजना लागू की जाए। यात्रियों का कहना है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। केदारनाथ धाम में दर्शन के नाम पर 2500 रुपये मांगे जाने की शिकायतें भी श्रद्धालुओं की ओर से सामने आई हैं। यात्रियों ने मामले की जांच कर शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फाटा-सोनप्रयाग हाईवे पर जाम ने बढ़ाई मुश्किल
रूद्रप्रयाग। यात्रा मार्ग की दूसरी बड़ी चुनौती फाटा से सोनप्रयाग के बीच हाईवे पर लगने वाला जाम है। श्रद्धालुओं के अनुसार रात के समय भी कई बार यात्रियों और वाहनों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है। यात्रा सीजन में वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है। एक तरफ बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़ती आस्था की भीड़ 16 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है, तो दूसरी तरफ पैदल मार्ग, घोड़े-खच्चर संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़ी शिकायतें प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर रही हैं।



