उत्तराखंड

सड़क हादसे में नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

पिता सुरेश यादव ने आरोप लगाया कि तेज रफ्तार डंपर चालक ने ओवरटेक करते हुए गलत दिशा में आकर उनके बेटे की गाड़ी को टक्कर मारी

रामनगर के पीरूमदारा क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा
नैनीताल। जिले में रामनगर के पास पीरूमदारा क्षेत्र में हुए सड़क हादसे  में नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी शीतल गंभीर रूप से घायल हो गयी। यतीश यादव और शीतल की चार महीने पहले ही शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों पहली बार नैनीताल घूमने आए थे, लेकिन ये उनका आखिरी सफर साबित हुआ। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार अनुसार देर रात करीब 1 बजकर 20 मिनट पर हुआ. गाजियाबाद निवासी बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव अपनी पत्नी शीतल के साथ नई काली स्कॉर्पियो से काशीपुर से रामनगर होते हुए नैनीताल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीरूमदारा से आगे चौधरी ढाबे के पास उनकी स्कॉर्पियो की सामने से आ रहे 22 टायरा डंपर  से जोरदार टक्कर हो गई.त्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो चला रहे यतीश यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी शीतल गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्राथमिक उपचार के बाद घायल महिला को उपचार के लिए हॉस्पिटल भिजवाया। हालांकि बाद में बेहतर उपचार के लिए शीतल को दिल्ली-एनसीआर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया। 24 वर्षीय यतीश यादव पुत्र सुरेश चंद्र यादव मूल रूप से गांव शाहपुर बमेठा थाना वेव सिटी गाजियाबाद के रहने वाला थे। यतीश राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी थे और वर्ष 2021 में प्रतियोगिता में विजेता भी रहे थे। वह एक निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाते थे, वहीं उनकी पत्नी शीतल पेशे से डॉक्टर बताई जा रही हैं। हादसे की खबर मिलते ही यतीश का पूरा परिवार रामनगर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचा, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पिता सुरेश यादव ने आरोप लगाया कि तेज रफ्तार डंपर चालक ने ओवरटेक करते हुए गलत दिशा में आकर उनके बेटे की गाड़ी को टक्कर मारी। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। चार महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधे यतीश और शीतल नैनीताल घूमने निकले थे लेकिन खुशियों से शुरू हुआ यह सफर एक परिवार को जिंदगी भर का गम दे गया।

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