उत्तराखंड

सोमवती अमावस्या पर उमड़ा धर्मनगरी में आस्था का सैलाब

हालांकि इस बार प्रशासन की एक्सरसाइज नाकाफी नजर आ रही है। लोग पांच किलोमीटर पहले वाहन खड़ा करके हरकी पौड़ी जाते दिखाई दिए।

हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर लगाई पवित्र डुबकी
पुलिस ने स्नान के दौरान किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गंगा के जयकारों से गूंज उठे सभी घाट

हरिद्वार। सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में हर की पैड़ी में गंगा स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को इस बार के यात्रा सीजन की पहली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ हरिद्वार में दिखाई दे रही है। हरकी पैड़ी के अलावा अन्य गंगा घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बार कुंभ मेले के लिए बनाए गए गंगा घाटों पर भी भारी भीड़ है। हाईवे पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 16 जोन और 46 सेक्टरों में बांटकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। हालांकि इस बार प्रशासन की एक्सरसाइज नाकाफी नजर आ रही है। लोग पांच किलोमीटर पहले वाहन खड़ा करके हरकी पौड़ी जाते दिखाई दिए।
सोमवती अमावस्या पर हर की पैड़ी का दृश्य देखते ही बन रहा है। चारों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है और गंगा के जयकारे के उद्घोष सुनाई दे रहे हैं। आज पुरुषोत्तम मास का अंतिम दिन है और संक्रांति भी है। सबसे खास सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या का होना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और इस दिन गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान का कई गुना फल प्राप्त होता है। इसी कारण आज हरिद्वार में लाखों लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सोमवती अमावस्या के साथ ही पुरुषोत्तम मास का समापन हो जाएगा और अब शुद्ध ज्येष्ठ मास का पदार्पण होगा। यही कारण है कि हरिद्वार में हर की पैड़ी के चारों ओर सभी घाटों में श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं।
सोमवती अमावस्या के स्नान पर हरिद्वार में अन्य स्नान पर्वों की तुलना में भारी भीड़ दिखाई दी। हाईवे पर भीड़ का दबाव इतना है कि पांच किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी है और वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। इसलिए कई श्रद्धालु हरकी पैड़ी से पांच किलोमीटर दूर ही वाहन खड़े करके हरकी पैड़ी पैदल पहुंच रहे हैं। हालांकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में दिक्कत आ रही है लेकिन आस्था के कारण थकान भी फीकी लग रही है।
हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार सोमवार को अमावस्या के दिन यानी सोमवती अमावस्या के मौके पर उत्तर भारत के कई तीर्थ स्थलों के घाटों और मंदिरों में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में, इस मौके पर पवित्र डुबकी लगाने और विशेष अनुष्ठान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा किनारे हर की पौड़ी पर एकत्र हुए। यहां काफी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की वजह से हरिद्वार जाने वाली सड़कों पर भारी जाम लग गया। यातायात को नियंत्रित करने और पार्किंग की व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारियों को ज्यादा कर्मचारियों को तैनात करना पड़ा।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भी आस्था का कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां लोग पवित्र ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर पर पिंडदान जैसी रस्में निभाने के लिए इकट्ठा हुए। स्थानीय पुजारियों ने बताया कि इस साल सोमवती अमावस्या के साथ दूसरे शुभ खगोलीय संयोग बन रहे हैं इससे ये दिन काफी खास बना गया है। हिंदू कैलेंडर में सोमवती अमावस्या का खास महत्व है।इस दिन श्रद्धालु अपने पूर्वजों के सम्मान और परिवार की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं, धार्मिक रीति-रिवाज निभाते हैं और पवित्र घाटों पर स्नान करते हैं।

हाईवे पर दो दिनों से जाम की स्थिति
हरिद्वार में सोमवती अमावस्या का स्नान और जून के वीकेंड के चलते दो दिनों से भारी भीड़ उमड़ रही है। जिले के डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने हरकी पैड़ी पहुंचे। लेकिन भीड़ का दबाव इतना है कि हाईवे पर दो दिनों से जाम की स्थिति बनी हुई है। सोमवती अमावस्या पर तो सुबह से ही वाहन रेंगकर चलते हुए नजर आए। यही कारण है कि जिसको जहां भी सुविधा मिली, वहीं वाहन रोककर नजदीकी घाट पर गंगा स्नान कर लिया।

पार्किंग, होटल और धर्मशालाएं पैक
वीकेंड और सोमवती अमावस्या के चलते हरिद्वार आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है। आलम ये है कि हरकी पैड़ी के नजदीक पंतद्वीप, दीनदयाल और रोडिबेलवाला समेत सभी पार्किंग वाहनों से भर गई है। इसके अलावा यहां के तमाम होटल और धर्मशालाएं भी पैक है। प्रशासन ने आंतरिक मार्गों पर वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई है ताकि स्थानीय लोग जाम से परेशान न हो। साथ ही अब कांवड़ में उपयोग में लाई जाने वाली बैरागी कैंप पार्किंग में वाहनों को रोका जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button