असम के पूर्व डीजीपी बीडी खर्कवाल का निधन, भावभीनी श्रद्धांजलि
उन्होंने खर्कवाल के निधन को पुलिस एवं प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

हल्द्वानी। असम-मेघालय कैडर के वर्ष 1959 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीडी खर्कवाल का 17 सितंबर की सुबह 90 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन पर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने खर्कवाल के निधन को पुलिस एवं प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बीडी खर्कवाल मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह परिवार के साथ हल्द्वानी के जज फार्म क्षेत्र में रह रहे थे। उनका कुमाऊं और हल्द्वानी से लंबे समय से पारिवारिक और प्रशासनिक जुड़ाव रहा। उनके परिवार में पत्नी निर्मला खर्कवाल, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र अमिताभ खर्कवाल भारतीय डाक सेवा में महानिदेशक के पद से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।
नैनीताल पुलिस ने दी अंतिम सलामी दिवंगत पूर्व डीजीपी बीडी खर्कवाल के हल्द्वानी स्थित आवास पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी की मौजूदगी में नैनीताल पुलिस, एसएसबी और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इस दौरान एसएसबी 57वीं वाहिनी सितारगंज के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत और सीआरपीएफ हल्द्वानी के डिप्टी कमांडेंट अजय प्रताप सिंह समेत पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस सेवा में बीडी खर्कवाल के योगदान को याद करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके बाद पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट ले जाया गया, जहां परिजनों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
असम में उग्रवाद के दौर में निभाई अहम भूमिका
बीडी खर्कवाल ने अपने लंबे पुलिस सेवा काल में पूर्वाेत्तर भारत के चुनौतीपूर्ण दौर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। असम में उग्रवाद के दौर में उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।
नवंबर 1990 में उल्फा उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन बजरंग शुरू किए जाने के दौरान वह गुवाहाटी में केंद्रीय खुफिया अधिकारियों के साथ अभियान से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे। वर्ष 1993-94 में उन्होंने असम के पुलिस महानिदेशक के रूप में सेवाएं दीं। असम-मेघालय पुलिस बल में उनके लंबे अनुभव और प्रशासनिक योगदान को याद किया जाता है।
उत्तराखंड से भी रहा गहरा जुड़ाव
असम में सेवाएं देने के साथ बीडी खर्कवाल का उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने एसएसबी रानीखेत और इंटेलिजेंस ब्यूरो (प्ठ), नैनीताल में भी सेवाएं दीं। अपने सेवाकाल में उन्होंने कई पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। श्रद्धांजलि देने वालों में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक अमित सैनी, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक मुखानी सुशील जोशी, प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी विजय मेहता, प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर चौहान, पीआरओ हेमा ऐठानी और एसएसबी ट्रांजिट कैंप के एएसआई हरि सिंह समेत पुलिस एवं सुरक्षा बलों के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। नैनीताल पुलिस ने दिवंगत पूर्व क्ळच् बीडी खर्कवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।



