यमुनोत्री हाईवे पर भारी भूस्खलन, रास्ता बंद
मामले में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के बाद अब हरिद्वार के साधु संतों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई है।

उत्तरकाशी। रविवार तड़के पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे हनुमान चट्टी से आगे अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।इधर, स्याना चट्टी के पास भी भूस्खलन के चलते कुछ समय के लिए यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बाधित रहा। हालांकि, एनएच की ओर से मलबा हटाने के बाद इस स्थान पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई।बता दें कि स्याना चट्टी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण हाईवे बार-बार बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम यात्रा पर यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोग हाईवे के संवेदनशील स्थलों पर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग कर रहे हैं।राज्य में भूस्खलन समेत अन्य कारणों के चलते 34 मार्ग बंद हैं। सबसे अधिक मार्ग पिथौरागढ़ जिले बंद रहे। इस सीमांत जिले में दस ग्रामीण मार्ग बंद है। देहरादून और पौड़ी गढ़वाल में छह-छह, रुद्रप्रयाग दो, चमोली चार मार्ग बंद रहे। टिहरी में चार और नैनीताल में एक राज्य मार्ग और एम प्रमुख जिला मार्ग बंद रहा। बंद मार्गों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बद्रीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में साधू संतों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
हरिद्वार। बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में हरिद्वार में साधु संतों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। संतों का कहना है कि बदरीनाथ धाम में लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था है और यहां बड़े पैमाने पर चढ़ना भी आता है। ऐसे में अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी के बाद बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की शिकायतों की भी एसआईटी बनाकर जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों को मिलनी चाहिए. एक धार्मिक संगठन भैरव सेना की ओर से बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को दी गई शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अयोध्या राम मंदिर के बाद उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के बाद अब हरिद्वार के साधु संतों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि भगवान बदरीनाथ का धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपने सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अब समाज को सोचने के लिए विवश होना पड़ेगा। मामले की केवल विभागीय जांच तक सीमित न रखकर मुख्यमंत्री को एसआईटी का गठन करके निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम के विकास के लिए सराहनीय प्रयास किए, इसलिए साधु संत भी इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने इस मामले की जांच बैठाई है, उसका स्वागत है। उन्हें आशा है कि यदि उत्तराखंड सरकार भी इस मामले में सख्ती से कदम उठाएगी तो, इस प्रकार की घटनाएं नहीं होंगी। सामान्य मंदिरों में कर्मचारियों द्वारा चोरी तो आम बात है, लेकिन चारधाम में तो देश के करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था है। इसलिए यहां ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से उन्हें आशा है कि अब मंदिर की बागडोर अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए और निगरानी भी बढ़ाई जाए।
देह व्यापार के नेटवर्क का पर्दाफाश,52 गिरफ्तार,दस युवतियों को किया रेस्क्यू
नैनीताल। शनिवार देर रात जिले के रामनगर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रिसॉर्ट में संचालित किए जा रहे कथित देह व्यापार के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में एसओजी और पुलिस लाइन की संयुक्त टीम ने देर रात छापेमारी कर 52 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 10 युवतियों को रेस्क्यू किया गया। मौके से अवैध शराब, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद होने का दावा किया गया है। इस पूरे मामले से गहराई से जांच की जा रही है।
एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने देर रात एक रिसॉर्ट पर छापेमार की कार्रवाई करते हुए कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एसओजी और पुलिस लाइन की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस ने मौके से 52 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि नेपाल, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश की 10 युवतियों को रेस्क्यू किया गया है। पुलिस के अनुसार, संबंधित रिसॉर्ट में लंबे समय से अवैध रूप से देह व्यापार संचालित किए जाने की सूचना मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध लोग मिले।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध शराब, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रिसॉर्ट के भीतर बिना वैध लाइसेंस के बार का संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान होटल के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत भी सामने आई है। हालांकि, रिसॉर्ट का मैनेजर मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। रेस्क्यू की गई युवतियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।



