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कारगिल में शहीद हुए कैप्टन के पिता से ठगी करने वाले गिरफ्तार

इसके बाद ठगों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने को कहा और विभिन्न तिथियों में एनओसी व अन्य फाइल प्रोसेस चार्ज के नाम पर उनसे 22.4.2024 तक 44 लाख 46 हजार रुपये की ठगी कर दी।

44.45 लाख रूपये ठगे थे साइबर ठगों ने
एसटीएम ने दिल्ली से किया गिरफ्तार
पूर्व सैनिकों को निशाना बनाते थे साइबर ठग
देहरादून। कारगिल युद्ध में शहीद हुए गुमानीवाला के कैप्टन के पिता से 44.45 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले पांच साइबर ठगों को एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व गुमानीवाला निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि उनका बेटा जोकि आर्मी में कैप्टन था, कारगिल लड़ाई में शहीद हो गया था। मरणोपरांत उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। बताया था कि फरवरी 2024 में अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को सैनिक कल्याण बोर्ड का अधिकारी व मुख्य सतर्कता अधिकारी (रक्षा मंत्रालय) कार्यालय भारत सरकार से बताकर कहा कि आपके बेटे के कीर्ति चक्र की ग्रांट के साथ-साथ आपको अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जानी थी, लेकिन आपकी तरफ से फॉर्म जमा नहीं किया गया जिस कारण ग्रांट निरस्त हो गई है। इसके बाद ठगों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने को कहा और विभिन्न तिथियों में एनओसी व अन्य फाइल प्रोसेस चार्ज के नाम पर उनसे 22.4.2024 तक 44 लाख 46 हजार रुपये की ठगी कर दी।
जांच के बाद एसटीएफ ने आरोपित कपिल अरोड़ा निवासी रशीद मार्केट गली नंबर 7 जगतपुरी भगत सिंह रोड दिल्ली, राहुल कुमार निवासी न्यू स्टेट बैंक कॉलोनी नियर शिव मंदिर धामपुर बिजनौर, रवि सैनी निवासी प्रताप विहार गाजियाबाद, राजेश कुमार यादव निवासी ग्राम गोरखबुर थाना रसड़ा जिला बलिया बिहार और अनुराग शुक्ला निवासी रामपुरम श्याम नगर निकट सरयू प्रसाद स्कूल जिला कानपुर यूपी को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 18 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, 42 डेबिट कार्ड, फर्जी पहचान पत्र और एक लाख सात हजार रुपये कैश बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने पुलिस उपाधीक्षक अकुंश मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित कर साइबर ठगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए। गठित टीम ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल नंबर व संबंधित खातों आदि की जानकारी व तकनिकी विश्लेषण किया। पता चला कि अपराध में संलिप्त आरोपी दिल्ली से संबंधित हैं। टीम को संभावित स्थानों के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम ने अथक मेहनत एवं प्रयास से उन बैंक खातों का पूरा विवरण निकाल लिया, जिनमें रकम जमा करवाई गई थी। हालांकि, इन्हें फर्जी आईडी पर खोला गया था। कुछ और जानकारी जुटाने पर पता लगा लिया गया कि यह फर्जीवाड़ा कपिल अरोड़ा, राहुल कुमार दत्ता, रवि सैनी, राजेश कुमार यादव व अनुराग शुक्ला नाम के व्यक्तियों ने किया है। सभी को लक्ष्मी नगर क्षेत्र नई दिल्ली से गिरफ्तार भी कर लिया गया।

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