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सरकार का ये कैसा विकास, बच्चे नाप रहे मीलों की दूरी

मंत्री, विधायक से लेकर अभियंताओं ने किया गरीब जनता को परेशान,

ग्रामीणों ने उठाई जल्द राइंका स्वीली-सेम मोटरमार्ग निर्माण की मांग,
मोटरमार्ग न होने के कारण अध्यापकों, बच्चों व सेम गांव के ग्रामीणों को हो रही दिक्कतें
रुद्रप्रयाग। राज्य योजना के अंतर्गत भरदार क्षेत्र के सेम गांव सहित स्वर्गीय दीपक डिमरी राइंका स्वीली को जोड़ने के लिए पांच किमी लंबे मोटरमार्ग का निर्माण विगत कई वर्षों से नहीं हो पाया है, जिस कारण सेम गांव की जनता के साथ ही इंटर काॅलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा अध्यापकों को भारी परेशानियां हो रही हैं। सड़क निर्माण संघर्ष समिति कई बार इस समस्या को लेकर काबीना मंत्री से लेकर विधायक तक के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन किसी भी स्तर से कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जबकि लोनिवि के अभियंताओं से पत्राचार करते-करते ग्रामीण जनता के पांव तक थक चुके हैं, बावजूद इसके कोई भी पहल होती नहीं दिखाई दे रही है। मंत्री, विधायक से लेकर अभियंता सभी गरीब जनता को परेशान करने में लगे हैं, जिसका नुकसान उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
विकासखण्ड जखोली के अंतर्गत सेम गांव के साथ ही राजकीय इंटर काॅलेज स्वीली तक पांच किमी मोटरमार्ग का निर्माण होना प्रस्तावित है। वर्ष 2018 में इस मोटरमार्ग निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डुंगरी-स्वीली और सेम मोटरमार्ग के लिये लंबा आंदोलन लड़ा। डुंगरी-स्वीली मोटरमार्ग का निर्माण तो हो गया है, लेकिन सेम मोटरमार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है। जिस कारण ग्रामीणों को कई किमी का पैदल सफर अभी भी तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि मोटरमार्ग का निर्माण सेम से होते हुए स्व. दीपक डिमरी राजकीय इंटर काॅलेज से दरमोला तक किया जाए।
सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष कृष्णानंद डिमरी ने कहा कि लंबे समय से सेम गांव को मोटरमार्ग से जोड़ने के लिये संघर्ष किया जा रहा है। मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रभारी मंत्री एवं काबीना मंत्री, क्षेत्रीय विधायक और संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है, लेकिन अभी तक पांच किमी सड़क निर्माण के लिए प्रथम चरण के आंगणन की स्वीकृति नहीं मिली है। डिमरी ने बताया कि शासन की नीति के अनुसार राजकीय इंटर काॅलेजों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाना है। यदि यह इंटर काॅलेज सड़क मार्ग से जुड़ता है तो अध्यापकांे, अभिभावकों व बच्चों के साथ ही आस-पास के ग्रामीणों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही सेम गांव से लगातार हो रहे पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि सेम गांव के सड़क से न जुड़ने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण कई किमी का पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं। उन्होंने शीघ्र ही सेम-राजकीय इंटर काॅलेज स्वीली-दरमोला मोटरमार्ग निर्माण की मांग की है।

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