उत्तराखंड
महिडांडा-संग्राली मार्ग पर भारी भूस्खलन, लगातार गिर रहा मलबा और बोल्डर
अचानक हुए भूस्खलन से सभी लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागे। कुछ देर तक मलबे से उठी धूल के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।

उत्तरकाशी। लगातार हो रही बारिश के बीच महिडांडा-संग्राली गांव को जोड़ने वाली सड़क पर भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते शाम तेखला के समीप पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में चट्टानी पत्थर, बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। घटना के दौरान मार्ग से गुजर रहे लोग और सड़क किनारे खड़े वाहन बाल-बाल बच गए। कुछ ही सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर तक सड़क पर धूल का गुबार छाया रहा और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आपदा प्रबंधन अधिकर शार्दुल गुसाई ने बताया कि लोनिवि की मशीनें मार्ग खोलने में लगी हैं।
प्रत्यक्षदर्शी हरिभजन, देवेश नौटियाल और उद्धव नैथानी ने बताया कि वे शाम के समय उत्तरकाशी से अपने गांव की ओर लौट रहे थे। जैसे ही वे तेखला के समीप पहुंचे, पहाड़ी से तेज गर्जना की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। अचानक हुए भूस्खलन से सभी लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागे। कुछ देर तक मलबे से उठी धूल के कारण सड़क पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
घटना के समय भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के पास कई वाहन भी खड़े थे, जिन पर मलबा और छोटे पत्थर गिरे। हालांकि किसी वाहन को गंभीर क्षति नहीं पहुंची और न ही किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कुछ सेकंड पहले वाहन या राहगीर वहां से गुजर रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होने के बाद से इस सड़क पर बार-बार भूस्खलन हो रहा है। बृहस्पतिवार सुबह भी कई स्थानों पर मलबा आने से सड़क बाधित रही, जिसे बाद में किसी तरह हटाकर यातायात सुचारु किया गया।



