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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय परीक्षा के दो पेपर लीक, दो एग्जाम रद्द

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तत्काल स्तर पर जांच शुरू कराई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुए और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।

परीक्षा नियंत्रक डा. पटेल ने की प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि 
घटनाक्रम का सीधा असर विश्वविद्यालय से जुड़े 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा
मामला मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाओं से संबंधित
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक का प्रकरण सामने आया है। खास बात यह है की परीक्षा से पहले ही पेपर लीक का मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय ने दो परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने भी प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और अब इनका आयोजन दोबारा किया जाएगा।
उत्तराखंड में परीक्षाओं की पारदर्शिता और व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षाओं के दो प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक होने का मामला सामने आया है। प्रश्नपत्रों के लीक होने की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विषयों की परीक्षाओं को निरस्त कर दिया है। इस घटनाक्रम का सीधा असर विश्वविद्यालय से जुड़े 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ा है।
पेपर लीक का यह मामला मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाओं से संबंधित है। इन दोनों विषयों की परीक्षाएं आयोजित होने वाली थीं, लेकिन इससे पहले ही प्रश्नपत्र छात्रों के बीच पहुंचने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने तत्काल स्तर पर जांच शुरू कराई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुए और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
कुलपति के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। समिति ने जांच के दौरान संबंधित लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। जांच के बाद यह सामने आया कि परीक्षा से पहले ही एक इंजीनियरिंग कॉलेज में तैनात प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र कुछ छात्रों तक पहुंचाए थे।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विषयों की परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया। साथ ही मामले में जिम्मेदार बताए जा रहे संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें अगले सात वर्षों तक परीक्षा से जुड़े किसी भी कार्य में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार नई परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित हैं। हालांकि परीक्षा की अंतिम तारीख और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय के इस फैसले से उन हजारों छात्रों की परीक्षा प्रभावित हुई है, जो इन दोनों विषयों की सेमेस्टर परीक्षाओं को पहले ही दे चुके थे। विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के विद्यार्थियों को अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी।
यूटीयू पेपर लीक मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ( यूटीयू) की परीक्षा में देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक व्हाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पहुंचा दिया गया। इतना ही नहीं, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषय की गोपनीयता पर भी गंभीर आशंका जताई गई है। इस मामले में थाना प्रेमनगर में मुकदमे दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मामले की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही आरोपी सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले 7 सालों तक विश्वविद्यालय के किसी भी परीक्षा संबंधी कार्य से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन दोनों विषयों की दोबारा परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रदेश के कई इंजीनियरिंग संस्थानों में होगी और नई डेटशीट जल्द विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या नए कदम उठाता है।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा मामले में परीक्षा नियंत्रक द्वारा थाना प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई गई है कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ। आशीष कुमार गुप्ता ने पिछले दिनों कुछ सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें दो पेपर मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी के पेपर पहले ही व्हाट्सएप के माध्यम से यूनिवर्सिटी और अन्य कॉलेजों के छात्रों को उपलब्ध कराए गए थे। इस मामले में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने आंतरिक दो जांच की गई थी, जिन्हें पुलिस को सौंपा गया है और यह निष्कर्ष निकाला गया है कि अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से पेपर छात्रों को उपलब्ध कराए गए थे। इस पूरे मामले में डॉ. आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यूटीयू की इंटरनल कमेटी की जांच में भी साफ हुआ पेपर की लीक का मामला 
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ( यूटीयू) की वीसी तृप्ता ठाकुन रे कहा कि पेपर लीक के बारे में शिकायत आई थी। इंटरनल कमेटी बनाकर मामले की जांच की गई। जांच कमेटी की रिपोर्ट में साफ हुआ कि पेपर लीक हुआ है। इसके बाद एक्शन लेते हुए उन 22 बच्चों का पेपर निरस्त कर दिया गया। लेकिन इस बीच जांच में सामने आया कि टीचर ने एक और पेपर यूनिवर्सिटी में बनाया था, जिस एग्जाम में 355 बच्चे शामिल हैं। टीचर की (इंटीग्रिटी) ईमानदारी शक के घेरे में है, तो विवि ये जोखिम नहीं उठाते हुए और सावधानियां बरतते हुए वो पेपर भी रद्द कर दिया है। विवि की तरफ से शिक्षक से संबंधित कॉलेज को पत्र लिखकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए कहा गया है। फिलहाल शिक्षक पर सात साल के लिए किसी भी शैक्षणिक गतिविधि पर भाग लेने से रोक लगा दी गई है।

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