
केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंचे उद्योगपति गौतम अडानी
सोनप्रयाग-केदारनाथ प्रस्तावित रोपवे का एरियल सर्वे किया
रुद्रप्रयाग। हिमालय की गोद में बसे विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इन दिनों आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। 30 अप्रैल तक ढाई लाख के करीब श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। पिछले दिनों सिंगर कैलाश खेर समेत अनेक सेलिब्रिटी और उद्योगपति भी केदारनाथ धाम के दर्शन करने आ चुके हैं। शुक्रवार को देश के प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी केदारनाथ धाम पहुंचे।
जानकारी के अनुसार अडाणी ग्रुप के संस्थापक एवं चेयरमैन गौतम अडाणी पत्नी प्रीति अडानी के साथ शुक्रवार सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे। इसके बाद वह निजी हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। धाम पहुंचकर उन्होंने बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना की। उद्योगपति दंपति ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने देश और प्रदेश की समृद्धि, शांति, विकास एवं जनकल्याण की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की।
केदारनाथ धाम में उनके आगमन पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में भी उन्हें देखने की उत्सुकता साफ नजर आई। मंदिर समिति एवं स्थानीय प्रशासन ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और यात्रा प्रबंधन पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित होता दिखा। प्रशासन ने वीआईपी मूवमेंट के बावजूद आम श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा, जिससे दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई।
वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि आज प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी अपने परिवार के साथ केदारनाथ धाम के दर्शन को आए थे। साथ ही उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक प्रस्तावित रोपवे का एरियल सर्वे भी किया।
गौरतलब है कि रोपवे के निर्माण का जिम्मा अदाणी समूह को दिया गया है। सोनप्रयाग से केदारनाथ तक प्रस्तावित लगभग 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड बना रहा है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे लगभग 11,500 फीट और सबसे लंबे रोपवे में से एक होगा। इस रोपवे से केदारनाथ धाम की पैदल 9 घंटे की यात्रा, घटकर सिर्फ 36 मिनट की रह जाएगी।
गौरतलब है कि इन दिनों केदारनाथ यात्रा अपने चरम पर है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से यहां पहुंच रहे हैं। बारिश, ठंड और ऊंचाई जैसी चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अटूट बनी हुई है। यात्रा मार्ग पर प्रशासन ने स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। हेलीकॉप्टर सेवाओं से लेकर पैदल मार्ग तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनी रहे।



