उत्तराखंड
मौसम खुलते ही केदारनाथ यात्रा तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
बर्फबारी के बाद बाधित व्यवस्थाओं को बहाल करने के लिए टीम लगातार कार्य कर रही है, ताकि कपाट खुलने से पूर्व सभी जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित हो सकें।

धाम में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा प्रशासन, बीकेटीसी का एडवांस दल मैदान में
रुद्रप्रयाग। मौसम साफ होते ही केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। प्रशासन और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। धाम में पिछले दो दिनों से मौसम अनुकूल रहने के चलते तैयारियों में तेजी आई है और विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बीकेटीसी का एडवांस दल केदारनाथ धाम में डेरा डाले हुए है और पेयजल, विद्युत सहित मूलभूत सुविधाओं को सुचारू करने में जुटा है। बर्फबारी के बाद बाधित व्यवस्थाओं को बहाल करने के लिए टीम लगातार कार्य कर रही है, ताकि कपाट खुलने से पूर्व सभी जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित हो सकें।
वहीं जिला प्रशासन भी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ ही धाम में आवश्यक संसाधनों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ज्ञात हो कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। ऐसे में प्रशासन और बीकेटीसी हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं देखने को मिलेंगी।
बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती ने बतायाकि धाम में बर्फ हटाने का कार्य लगातार जारी है। आईटीबीपी के जवानों के सहयोग से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों से बर्फ साफ की जा रही है। उन्होंने बताया कि मौसम खुलते ही तैयारियों में तेजी लाई गई है और एडवांस टीम पेयजल, बिजली सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रयास यही है कि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मजदूरों ने थारू ग्लेशियर में रास्ता किया साफ
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के लिनचोली के पास बीते शुक्रवार को अचानक थारू ग्लेशियर टूटने से भारी मात्रा में बर्फ और मलबा मार्ग पर आ गया था, जिससे करीब 100 मीटर पैदल रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मजदूरों ने टीम ने कड़ी मेहनत के साथ मार्ग से बर्फ को हटाकर रास्ते को आवाजाही लायक बना दिया है। लोनिवि गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग में भारी बर्फबारी होने से बड़े-बड़े ग्लेशियर चुनौती बने हुए हैं। इन चुनौतियों से लड़कर मजदूरों की टीम रास्ता तैयार करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि थारू ग्लेशियर के टूटने के बाद मार्ग बंद हो गया था, जिस पर बर्फ को हटाते हुए मार्ग को आवाजाही लायक बना दिया गया है।



