उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड में दुर्गा अष्टमी पर कन्याओं का पूजन

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा के साथ सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की हमेशा प्रेरणा देता है।

सीएम धामी ने पैर पखारकर लिया आशीर्वाद
देहरादून। पूरे देशभर के साथ ही उत्तराखंड में भी चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और रामनवमी के मौके पर कन्याओं का पूजन किया जा रहा है। देहरादून मुख्यमंत्री आवास में भी सीएम धामी ने कन्या पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उधर, हल्द्वानी में स्वच्छता कर्मियों यानी पर्यावरण मित्रों की 150 कन्याओं के लिए कन्या भोज का आयोजन किया।
रामनवमी के अवसर पर सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा बालिकाओं का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं के पैर पखारे, फिर उन्हें भोजन कराया और उनका आशीर्वाद लिया। सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र हमें कर्तव्यनिष्ठा के साथ सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की हमेशा प्रेरणा देता है। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि सभी का जीवन सुख, समृद्धि एवं खुशहाली से परिपूर्ण हो, प्रदेश भी लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रामनवमी का पर्व मर्यादा, आदर्शों और नैतिक मूल्यों के प्रति हमारी आस्था को और ज्यादा सुदृढ़ करता है। कन्या पूजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अहम अंग है, जो नारी सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
हल्द्वानी नगर निगम में चौत्र नवरात्र के अवसर पर स्वच्छता कर्मियों यानी पर्यावरण मित्रों की कन्याओं के लिए कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 150 कन्याओं को भोजन कराया गया और उनसे नगर, प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने इसे आस्था और सेवा का प्रतीक बताया। नगर निगम परिसर में विधि-विधान से माता रानी का पूजन और हवन किया गया। इसके बाद कन्याओं को सम्मानपूर्वक बैठाकर भोजन कराया गया और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया गया। मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने बताया कि यह उनका मेयर बनने के बाद दूसरा अवसर है, जब उन्होंने चौत्र नवरात्र में इस प्रकार का आयोजन किया है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों की कन्याओं को भोजन कराना ही सच्ची सेवा और माता रानी के प्रति आस्था का प्रतीक है। इस मौके पर मौजूद स्वच्छता कर्मियों और कन्याओं की माताएं भी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा इस तरह का आयोजन यह दर्शाता है कि प्रशासन उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानता है। उनके अनुसार यह आयोजन उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। वहीं, राहत मसीह ने कहा कि इस तरह का कन्या भोज सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देता है। उन्होंने नगर निगम और महापौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और सभी वर्गों के बीच सम्मान और अपनापन बढ़ता है।
रामनगर में अष्टमी और नवमी के मौके पर धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत का समागम देखने को मिला। जहां पर्वतीय जन जागृति प्रयास सेवा समिति रामनगर ने 11वें विशाल जागरण का भव्य आयोजन किया, जिसके तहत आज सुबह मां गिरिजा ज्योत यात्रा निकाली गई। यह यात्रा पैड़पड़ाव रामनगर से शुरू होकर मां गिरिजा देवी धाम के लिए रवाना हुई। इसके बाद विधि-विधान के साथ ज्योत प्रज्वलित कर वापस कार्यक्रम स्थल लाई गई। ज्योत यात्रा के दौरान मां गिरिजा देवी की भव्य झांकियां, डोला और ज्योत के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों भरतपुरी, टेड़ा रोड, पंपापुरी और अन्य इलाकों में शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल हुए।

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