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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में मैथ्स पेपर में सिलेबस के बाहर से पूछे गए सवाल

वार्ता के दौरान संगठन की ओर से नवेंदु मठपाल, अजय धस्माना, नवीन तिवारी, बालकृष्ण चंद और देवेंद्र सिंह भाकुनी मौजूद रहे।

राजीकीय शिक्षक संघ ने बोनस अंक देने की मांग
रामनगर। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के बीच गणित के प्रश्न पत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रश्न पत्र में त्रुटियां और पाठ्यक्रम सेबाहर के सवाल पूछे जाने का आरोप लगाते हुए राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव वीपी सिमल्टी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को बोनस अंक दिए जाने की मांग की।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल ने बोर्ड सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि हाईस्कूल गणित प्रश्नपत्र संकेतांक 231 (एचआरजी) के प्रश्न संख्या 22 में समतल आकृतियों के संयोजन के क्षेत्रफल से संबंधित सवाल पूछा गया है, जो प्रश्नावली 12।3 पर आधारित है।
शिक्षक संगठन का कहना है कि यह प्रश्नावली सत्र 2023-24 से परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम से हटा दी गई थी। ऐसे में यह प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर का माना जाएगा, जिससे छात्रों को असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ा।
इसी तरह इंटरमीडिएट गणित प्रश्नपत्र संकेतांक 428 (आईआरएस) में भी त्रुटियों का आरोप लगाया गया। संगठन के अनुसार प्रश्न संख्या 1 (ञ) में सही उत्तर ए गलत और आर सही होना चाहिए था, लेकिन दिए गए विकल्पों में यह उत्तर उपलब्ध ही नहीं था। इसके अलावा प्रश्न संख्या 14 में भी प्रिंटिंग त्रुटि बताई गई हैं।
संगठन का कहना है कि प्रश्न में सी को 3×3 का आव्यूह (मैट्रिक्स) दर्शाया जाना चाहिए था, तभी प्रश्न तार्किक रूप से सही बनता। गलत प्रिंटिंग के कारण विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति बनी रही। शिक्षक संगठन ने मांग की कि इन त्रुटिपूर्ण प्रश्नों की विषय विशेषज्ञों से निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। छात्र हित को देखते हुए सभी परीक्षार्थियों को समान रूप से बोनस अंक प्रदान किए जाएं, ताकि किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक नुकसान न हो।
इस पर उत्तराखंड बोर्ड सचिव वीपी सिमल्टी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित प्रश्नपत्रों की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यदि त्रुटि सिद्ध होती है तो छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा। वार्ता के दौरान संगठन की ओर से नवेंदु मठपाल, अजय धस्माना, नवीन तिवारी, बालकृष्ण चंद और देवेंद्र सिंह भाकुनी मौजूद रहे। अब सभी की निगाहें बोर्ड के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।

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