
जनता को अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर की थी करोड़ों की ठगी
हल्द्वानी। जनता को अधिक ब्याज और गारंटी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का नैनीताल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने खुद इस मामले का खुलासा किया।
एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि रामनगर कोतवाली में 13 जून 2023 को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में पीड़ित ने बताया था कि साल आरोपियों ने साल 2017 में देवभूमि बहुउद्देशीय स्वायत्त सहकारिता नाम की एक संस्था हल्द्वानी (कपिल कॉम्प्लेक्स, मुखानी) और रामनगर में खोली गई थी।
आरोपियों ने उत्तराखंड सरकार से पंजीकरण का हवाला देकर अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल सहित कई जनपदों के भोले-भाले नागरिकों से अधिक ब्याज का लालच देकर निवेश कराया गया था। कुछ समय बाद संचालकों द्वारा दोनों कार्यालय बंद कर दिए गए, जिसकी शिकायत पीड़ित ने रामनगर कोतवाली में की गई थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि संस्था के संचालक हेमचंद पंत (अध्यक्ष) और विकास दुर्गापाल (सचिव) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये एकत्र किए और उसे गबन कर फरार हो गए। जांच के दौरान दोनों शाखाएं बंद पाई गईं और आरोपियों के खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन का प्रमाण मिला, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 13 जून 2023 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस ने बताया कि तभी से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। इसके बाद रामनगर कोतवाली पुलिस ने न्यायालय से वारंट और कुर्की का आदेश प्राप्त किया। पुलिस की तरफ से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दिल्ली, हरियाणा और लखनऊ में दबिश दी जा रही थी, लेकिन आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे, जिस कारण वो पुलिस टीम के हाथ नहीं आ रहे थे।
इसी बीच एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने लंबित मामलों में जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने और तत्परता से दोनों आरोपियों की तलाश की। साथ ही पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। मुखबिर तंत्र और अन्य इनपुट की मदद से पुलिस ने 4 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों हेमचंद पंत और विकास दुर्गापाल को नैनीताल जिले के ही लाल कुआं क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है, उसके बाद उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।



