उत्तराखंड

कुमाऊं के पांचों निगम अलोकतांत्रिक तरीके से चल रहे

कुमाऊं के सभी नगर निगमों के लोक सूचना अधिकारियों ने अपने-अपने नगर निगम की बोर्ड बैठकों के कार्यवृृत्तों की प्रतियां उपलब्ध करायी हैं।

नगर निगमों बैठकों से परहेज कर रहे हैं सभी मेयर
पांच में से किसी भी नगर निगम ने नहीं बुलाई नियमानुसार बैठकें

काशीपुर। नगर निगम अधिनियम के अनुसार नगर निगमों की वास्तविक सत्ता पार्षदों में निहित है और इन पार्षद द्वारा सामूहिक रूप से नगर निगम की बैठकों के माध्यम से इन्हें चलाने का प्रावधान अधिनियम में हैं, परन्तु कुमाऊं के सभी पांचों नगर निगमों में नियमों के अनुसार वर्ष में न्यूनतम 6 तथा प्रत्येक दो माह की अवधि में नगर निगम बैठकों का आयोजन ही नहीं हो पा रहा हैं। यह सनसनीखेज खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को कुमाऊं के सभी नगर निगमों द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने कुमाऊं के सभी नगर निगमों के लोक सूचना अधिकारियों से 01 जनवरी 2025 से सूचना उपलब्ध कराने की तिथि तक हुई नगर निगम व बोर्ड बैठकों की सूचना उनके कार्यवृत्त की प्रति सहित चाही थी। कुमाऊं के सभी नगर निगमों के लोक सूचना अधिकारियों ने अपने-अपने नगर निगम की बोर्ड बैठकों के कार्यवृृत्तों की प्रतियां उपलब्ध करायी हैं।
नदीम को लोक सूचना अधिकारी व सहायक नगर आयुक्त, काशीपुर द्वारा पत्रांक 945 दिनांक 22-11-25 उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार 2025 में केवल दो निगम बोर्ड बैठकें दिनांक 05 फवरी 2025 तथा 03 मार्च 2025 को आयोजित की गयी है। उपलब्ध कराये गये बोर्ड बैठकांें के कार्यवृृत्त के अनुसार 05 फरवरी की नगर प्रमुख दीपक बाली की अध्यक्षता के आयोजित प्रथम बैठक में 40 पार्षद उपस्थित थे तथा इसमें 3 प्रस्ताव पारित किये गये थे। दूसरी बैठक 03 मार्च 2025 को नगर प्रमुख दीपक बाली की अध्यक्षता में हुई थी इसमें 39 पार्षद उपस्थित थे 24 प्रस्ताव पारित किये गये थे।
नगर निगम रूद्रपुर के लोक सूचनाधिकारी व सहायक नगर आयुक्त द्वारा पत्रांक 779 दिनांक 04-12-2025 से उपलब्ध करायी सूचना के अनुसार बोर्ड की 03 बैठके हो चुकी हैं लेकिन दो बैठकों दिनांक 07-02-2025 तथा 18-02-2025 के कार्यवृत्त की ही फोटो प्रति उपलब्ध करायी है। मेयर विकास शर्मा की अध्यक्षता में दिनांक 07-02-2025 की बैठक में मेयर, पदेन सदस्य के रूप में विधायक रूद्रपु शिव अरोरा तथा विधायक किच्छा तिलक राज बेहड़ तथा 40 पार्षद उपस्थित थे इसमें केवल 1 प्रस्ताव पारित किया गया। 18 फरवरी 2025 की बैठक ूमें मेयर तथा दोनों विधायक तथा 39 पार्षद उपस्थित थे जिसमें एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया।
नगर निगम हल्द्वानी काठगोदाम के लोक सूचना अधिकारी ने पत्रांक 1909 दिनांक 17-12-2025 से सूचना उपलब्ध करायी है। इसमें 26-03-2025 को महापौर गजराम बिष्ट की अध्यक्षता में एक बैठक के कार्यवृत्त की प्रति उपलब्ध करायी है। इसमें 56 पार्षद उपस्थित थे तथा 11 विशेष प्रस्ताव पारित किये गये थे।
नगर निगम अल्मोड़ा के लोक सूचना अधिकारी दीपक चन्द्र जोशी ने पत्रांक 39 दिनांक 03-01-26 से 3 बोर्ड बैठकों दिनांक 07 फरवरी 2025, 29 अप्रैल 2025 तथा 05 अगस्त 2025 के कार्यवृत्त की फोटो प्रतियां उपलब्ध करायी हैं। महापौर अजय वर्मा की अध्यक्षता तथा 40 पार्षदों की उपस्थिति में हुई 07 फरवरी की बोर्ड बैठक में 44 प्रस्ताव पारित किये गये। 29 अप्रैल 2025 की महापौर अजय वर्मा की अध्यक्षता तथा 37 पार्षदों की उपस्थिति में हुई बैठक में 63 प्रस्ताव पारित किये गये। 05 अगस्त को महापौर की अध्यक्षता तथा 36 पार्षदों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में 43 प्रस्ताव पारित किये गये।
नगर निगम पिथौरागढ़ के लोक सूचना अधिकारी व सहायक नगर आयुक्त द्वारा अपने पत्रांक 1259 दिनांक 29-11-2025 के साथ 05 बोर्ड बैठकों के कार्यकृत की फोटो प्रति उपलब्ध करायी गयी। नगर प्रमुख कल्पना देवाल की अध्यक्षता तथा 37 पार्षदों की उपस्थिति में दिनांक 06 फरवरी 2025 को बोर्ड बैठक आयोजित की गयी। इसमें 05 प्रस्ताव पारित किये गये। दिनांक 22 फरवरी 2025 को नगर प्रमुख की अध्यक्षता तथा 36 पार्षदों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में 03 प्रस्ताव पारित किये गये। 10 मार्च की महापौर की अध्यक्षता तथा 38 पार्षदों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में 17 प्रस्ताव पारित किये गये। 21 अप्रैल को महापौर की अध्यक्षता तथा 34 पार्षदों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में 9 प्रस्ताव, 03 सितम्बर 2025 को महापौर की अध्यक्षता तथा 30 सदस्यों की उपस्थिति में 9 प्रस्ताव पारित किये गये।
नगर निगम चुनाव कानून सहित 46 कानूनी व जागरूक पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 88 के अनुसार निगम के प्रतिवर्ष कम से कम 6 अधिवेशन होंगे और आगामी अधिवेशन की प्रथम बैठक का अंतर दो माह से अधिक नहीं होगा। महापौर जब उचित समझे निगम का अधिवेशन बुला सकता हैं। निगम के कुल सदस्यों के छठे भाग या अधिक द्वारा लिखित प्रार्थना पर अधिवेशन अवश्य बुलाया जायेगा। धारा 88 के अनुसार निगम का प्रत्येक अधिवेशन व बैठकें जनता के लिये सामान्यता खुला रहेगा। धारा 91 में स्पष्ट किया गया हैं कि अधिवेशन के लिये अधिवेशनों में सम्पादित किये जाने वाले सभी कार्यों सहित इसकी लिखित सूचना प्रत्येक सदस्य (पार्षद) के पते पर अधिवेशन से कम से कम 96 घंटे (4 दिन) पूर्व दी जायेगी। यदि पार्षद व सदस्य कोई प्रस्ताव लाना चाहता हैं तो वह इसकी प्रतिलिपि तथा इसकी सूचना नगर आयुक्त को 48 घंटे पहले भेजेगा। धारा 92 के अनुसार निगम के अधिवेशन में बहुमत से निर्णय होगा। धारा 98 के अनुसार निगम के प्रत्येक पार्षद को अधिनियम को लागू करने तथा नगर निगम से जुड़े किसी भी विषय पर प्रश्न पूछने का अधिकार है।

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