उत्तराखंडदेहरादून

उत्तराखंड में शुष्क मौसम के बीच कड़ाके की ठंड जारी

डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पदार्थों के सेवन से परहेज करने और गुनगुना पानी पीने की सलाह दी है।

12 जनवरी तक राहत के आसार नहीं
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम भले ही शुष्क बना हुआ हो, लेकिन कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 12 जनवरी तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। दिन में चटक धूप लोगों को कुछ राहत जरूर दे रही है, लेकिन सुबह-शाम और रात के समय हाड़ कंपाने वाली ठंड जनजीवन को प्रभावित कर रही है।
मौसम विभाग ने उधम सिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण इन इलाकों में दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
लगातार गिरते तापमान का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ नजर आने लगा है। ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, गले में संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों ओपीडी में सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी भीड़ देखने को मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में लापरवाही से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पदार्थों के सेवन से परहेज करने और गुनगुना पानी पीने की सलाह दी है। विशेष रूप से कम इम्युनिटी वाले लोग, बुजुर्ग, बच्चे, सांस और शुगर के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
प्रदेश के मैदानी इलाकों में जहां घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में पाला और अत्यधिक ठंड से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ठंड का सबसे ज्यादा असर चारधाम क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।

बद्रीनाथ में माइनस 10 डिग्री तक पहुंचा तापमान
बद्रीनाथ धाम में रात के समय तापमान माइनस 8 से माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। अत्यधिक ठंड के चलते मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों को मार्च तक के लिए रोक दिया गया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रमिक धाम से लौटने लगे हैं। आमतौर पर जनवरी-फरवरी में यहां तीन से चार फीट तक बर्फ जम जाती है, लेकिन इस बार हल्की बर्फबारी के कारण बर्फ टिक नहीं पाई है हालांकि, अत्यधिक ठंड के बावजूद बद्रीनाथ धाम में करीब 50 से अधिक श्रमिक अब भी पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे हुए हैं। वहीं केदारनाथ धाम में भी सीमित स्तर पर पुनर्निर्माण कार्य जारी है।

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