
बारिश-ठंड भी नहीं डिगा पाई आंदोलनकारियों का हौसला
पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर 13वें दिन भी धरना जारी
बारिश में सड़कों पर उतरी मातृशक्ति
पूर्व विधायक मनोज रावत समेत जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
रुद्रप्रयाग। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा आंदोलन शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। मौसम के अचानक बिगड़ने और झमाझम बारिश के बीच कड़ाके की ठंड के बावजूद आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन स्तर से उच्चीकरण को लेकर ठोस निर्णय और शासनादेश जारी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
शनिवार को ऊखीमठ और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम खराब रहा। लगातार बारिश और गिरते तापमान के बावजूद बड़ी संख्या में मातृशक्ति सड़कों पर उतरी और नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पहुंची। महिलाओं ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर आवाज बुलंद करते हुए पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को समय की आवश्यकता बताया। मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिली।
धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाना आवश्यक है। ऊखीमठ की भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ गांवों को देखते हुए पीएचसी का उच्चीकरण क्षेत्र की जरूरत है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी ने कहा कि आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनभावनाओं से जुड़ा है। बारिश और ठंड के बावजूद ग्रामीणों का धरना स्थल पर पहुंचना इस मांग के प्रति जनता की गंभीरता को दर्शाता है। स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर ग्रामीण जनता पर पड़ता है। ऊखीमठ में स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण होने से आसपास के दर्जनों गांवों को इसका लाभ मिलेगा।
नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद आंदोलन का 13वें दिन भी जारी रहना क्षेत्र की एकजुटता को दर्शाता है। वहीं संघर्ष समिति एवं व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि पूर्व में दिए गए आश्वासनों के अनुरूप शीघ्र शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के साथ बड़ी आबादी का केंद्र भी है। ऐसे में यहां उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा स्थानीय जनता के साथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
झमाझम बारिश के बीच मातृशक्ति और आंदोलनकारियों ने धरना स्थल पर जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने कहा कि मौसम की प्रतिकूलता उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। जब तक पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण को लेकर शासन स्तर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान गुरिल्ला संगठन की जिलाध्यक्ष बसंती रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत, शिव शरण सिंह पंवार, पूर्व सभासद बलवंत रावत, संतोष त्रिवेदी, जितेंद्र रावत, कर्मवीर कुंवर, विनीता देवी, सोनिया देवी, पूजा देवी, विजया देवी, रोशनी देवी, सरला देवी, रेखा देवी, मंजू देवी, गुड्डी देवी, रामेश्वरी देवी, रजनी देवी, जसुमती देवी, नीलम देवी, हेमा देवी, भुवनेश्वरी देवी, उर्मिला देवी, आरती देवी, पूनम देवी, आशा पुष्पाण और सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी मौजूद रहे।



