उत्तराखंडदेहरादून

एचपीवी टीकाकरण और टीबी स्क्रीनिंग में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश

सीएमओ ने आशा फेसिलिटेटरों की बैठक में कार्यों की समीक्षा कर दिए लक्ष्य आधारित निर्देश

एचपीवी टीकाकरण और टीबी स्क्रीनिंग में जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश
सीएमओ ने आशा फेसिलिटेटरों की बैठक में कार्यों की समीक्षा कर दिए लक्ष्य आधारित निर्देश

रुद्रप्रयाग। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल की अध्यक्षता में आशा फेसिलिटेटरों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचपीवी टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत अभियान, एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और टीबी एक्स-रे स्क्रीनिंग कैंपों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया गया।
सीएमओ डॉ. पारुल गोयल ने आशा फेसिलिटेटरों को निर्धारित कार्य समय पर पूरा करने तथा आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा टेकचंदानी ने बताया कि 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को लेकर लोगों में किसी प्रकार की झिझक न रहे, इसके लिए आशा कार्यकर्ता पात्र बालिकाओं और उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत संवाद कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि 13 वर्ष पूर्ण कर 14वें वर्ष में प्रवेश करने वाली बालिकाओं की क्षेत्रवार मासिक सूची तैयार कर संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में टीबी की उच्च जोखिम वाली आबादी का लक्ष्य 1,08,562 है। इसके सापेक्ष अब तक 57,873 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि 28,939 लोगों की एक्स-रे जांच हुई है। एसीएमओ ने निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग से वंचित उच्च जोखिम वाली आबादी का आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कर सूची तैयार की जाए और एक सप्ताह के भीतर संबंधित सीएचओ को उपलब्ध कराई जाए।
गांवों में आयोजित होने वाले टीबी एक्स-रे स्क्रीनिंग कैंपों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा कैंपों में उनकी स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही टीबी मरीजों के नियमित फॉलोअप और उनके घरेलू संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों की समय पर स्क्रीनिंग व बलगम जांच कराने पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों के तहत 19 वर्ष तक की आयु के ड्रॉपआउट विद्यार्थियों का आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कर सूची तैयार करने तथा संबंधित ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी को एक अक्टूबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की समीक्षा में बच्चों को दी जाने वाली आईएफए सिरप की नियमित मॉनीटरिंग करने और मॉनीटरिंग से संबंधित लिंक को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट कराने को कहा गया।
एनसीडी कार्यक्रम के तहत उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित मरीजों का आशा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक माह नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सी-बैक फार्म अनिवार्य रूप से भरने तथा बाहर से दवा खरीदकर सेवन कर रहे मरीजों को निकटतम चिकित्सा इकाई से निःशुल्क दवा लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
इसके अलावा समुदाय आधारित आयुष्मान आरोग्य शिविरों की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाओं का लाभ दिलाने तथा आभा आईडी बनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत जारी की जाने वाली सामग्री की जानकारी संबंधित पोर्टल अथवा एप पर नियमित रूप से दर्ज करने को भी कहा गया।
बैठक में डीपीसी एनटीईपी मुकेश बगवाड़ी, काउंसलर आरकेएसके विपिन सेमवाल, डीएलओ बिपिन खन्ना, डीसी सीपीएचसी विजय, डीबीसीसीएफ हरेंद्र सिंह नेगी, एनएमओ नागेश्वर बगवाड़ी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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