पहली नवरात्रि पर मां नयना देवी मंदिर पहुंची जहान्वी कपूर
इस दौरान वह नैनीताल की खूबसूरती की मुरीद नजर आई। उन्होंने कहा कि नैनीताल का मौसम और खूबसूरत झील बेहद ही दर्शनीय है।

नैनीताल। शहर में एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में पहुंची अभिनेत्री जहान्वी कपूर ने नयना देवी मंदिर के दर्शन किए। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद जहान्वी ने शिवलिंग में जल भी चढ़ाया। इस दौरान वह नैनीताल की खूबसूरती की मुरीद नजर आई। उन्होंने कहा कि नैनीताल का मौसम और खूबसूरत झील बेहद ही दर्शनीय है।
रविवार को जहान्वी कपूर का दोपहर में नयना देवी मंदिर में दर्शन का कार्यक्रम था। ठीक 12.45 में वह अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ बेहद ही सादे लिबास में पार्किंग से नंगे पैर चलकर मंदिर परिसर पहुंची। यहां उन्होंने नयना देवी मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की। जिसके बाद परिसर में भ्रमण कर शिवलिंग पर जल चढ़ाया। इधर उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल टनकपुर के मां पूर्णागिरि धाम में नवरात्र के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। शनिवार की शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। रविवार सुबह आठ बजे तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।मंदिर समिति ने चैबीसों घंटे दर्शनों की सुविधा उपलब्ध कराई है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, बहराईच, सहारनपुर, इटावा, अलीगढ़, बरेली, नबाबगंज सहित उत्तराखंड के हल्द्वानी, रुद्रपुर, खटीमा आदि स्थानों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पड़ोसी देश नेपाल के ब्रह्मदेव, महेंद्रनगर, बौंतड़ी आदि जगहों से श्रद्धालु मां के दर्शन को आ रहे हैं।
भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के निर्देश
देहरादून। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने प्रदेश के कई जनपदों में 9 अक्टूबर को हुई भारी बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों, जनधन तथा परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उन्होंने सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को पत्र जारी कर क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने तथा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबध में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों, परिवारों तथा अन्य लोगों को नुकसान हुआ है, उनकी समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का वास्तविक आकलन कराते हुए पात्र प्रभावितों को निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा एवं आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मंत्री कौशिक ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान के साथ-साथ जन-धन, पशुधन, आवासीय भवनों तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुई क्षति का भी समुचित आकलन कराया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान के आधार पर प्रभावितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।
मंत्री मदन कौशिक द्वारा भेजे गए पत्र के क्रम में सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में 9 अक्टूबर को हुई भारी बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण फसलों को पहुंची व्यापक क्षति तथा जन-धन एवं परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का संबंधित विभागों के माध्यम से आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि माननीय आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारियों से कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन करते समय कृषि फसलों के नुकसान के साथ-साथ जन-धन, पशुधन, आवासीय भवनों एवं अन्य परिसंपत्तियों को हुई क्षति का भी विवरण संकलित किया जाए। संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से सर्वेक्षण कराते हुए प्रभावित परिवारों एवं व्यक्तियों को नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



