उत्तराखंडदेहरादून

भगवान नारायण के जयकारों से गूंजा त्रियुगीनारायण

मेले की एक प्रमुख परंपरा ग्रामवासियों द्वारा जंगल से मोरू की झाखड़ियां (लंबी डालियां) लाना भी रही। श्रद्धालुओं ने इस परंपरा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

21 परिक्रमाओं के साथ संपन्न हुआ वामन द्वादशी मेला
नारायण के दरबार में उमड़ी आस्था, वामन द्वादशी मेले में 17 दंपतियों ने रखा संतान प्राप्ति का उपवास
रुद्रप्रयाग। सीमांत ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण में भगवान विष्णु के वामन अवतार की स्मृति में आयोजित पारंपरिक वामन द्वादशी मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मेले में क्षेत्र के साथ ही दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण एवं क्षेत्रपाल भगवान भैरवनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ निसंतान दंपतियों की आस्था भी मेले का प्रमुख आकर्षण रही।
वामन द्वादशी के अवसर पर पहले दिन मंदिर में पुजारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान नारायण एवं भैरवनाथ की मूर्तियों को जमाण/डोली में सजाया। इसके बाद रात्रि में चार पहर की विशेष पूजा-अर्चना की गई। दूसरे दिन प्रातरूकालीन पूजा के बाद भगवान नारायण एवं क्षेत्रपाल भगवान की मूर्तियों को चांदी की थाल में सजाकर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ गर्भगृह से बाहर लाया गया।
इस दौरान ग्राम शेरसी के नौटियाल परिवार द्वारा भगवान की थाल को सिर पर धारण कर ब्राह्मणों एवं पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच मंदिर की 21 परिक्रमा की गई। धार्मिक परंपरा के अनुसार रात्रि जागरण एवं उपवास करने वाले निसंतान दंपतियों को भगवान नारायण और भैरवनाथ की ओर से आशीर्वाद स्वरूप फल प्रदान किए गए। इस वर्ष संतान प्राप्ति की कामना लेकर 17 निसंतान दंपतियों ने मेले की पूर्व रात्रि उपवास रखा। इनमें उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे दंपति भी शामिल रहे।
मेले की एक प्रमुख परंपरा ग्रामवासियों द्वारा जंगल से मोरू की झाखड़ियां (लंबी डालियां) लाना भी रही। श्रद्धालुओं ने इस परंपरा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्थानीय मान्यता के अनुसार त्रियुगीनारायण में भगवान नारायण की वर्षभर पूजा-अर्चना की जाती है, जिससे यह स्थल धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
हालांकि, मेले के अवसर पर प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अपरिहार्य कारणों के चलते स्थगित कर दिया गया।
इस अवसर पर मठापति परशुराम गैरोला, भगवान नारायण के पार्श्व आचार्य रामकृष्ण जमलोकी, ग्राम प्रधान रुचि देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन देवी, तीर्थपुरोहित समिति अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी, मेला समिति अध्यक्ष दिवाकर गैरोला, विजय घिल्डियाल, सर्वेशानंद भट्ट, अंकित गैरोला, कैलाश गैरोला, मित्रानंद भट्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button